महुआ ला बिछे-बिछ कोन हा ठुराया...महुआ गीत
ग्राम देवरी, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया महुआ फूल के संदर्भ में एक गीत सुना रहे हैं :
महुआ ला बिछे-बिछ कोन हा ठुराया-
आघू खेतियाशे बढ़िया लाटा कूट खाए-
ये भूखे पियाशे सुघर लाटा कूट खाए-
उ करे बिटामिन देखा खून बनि जाय...
