जैसे को तैसा...कहानी
बहुत समय पहले की बात हैं, एक जंगल मे भैंस और घोड़ा के बीच लड़ाई हो गई |भैस ने अपने सींग से घोड़ा को मार मारकर अधमरा कर दिया | घोड़ा भागते भागते शहर के पास पहुँचा | वहाँ एक मनुष्य से सहयोग माँगा | मनुष्य ने बताया कि उसके बड़े बड़े सींग हैं, वह शक्तिशाली हैं और इससे हमें क्या लाभ होगा घोड़ा ने बताया की आप लाठी ले और मेरे पीठ पर बैठ जाये और में उसके पास तेजी से दौड़ता पहुँचुंगा आप उसे लाठी से मारा करना और भैस बहुत मीठी दूध देती हैं, तो उसे रस्सी से बांध कर घर ले आना | मनुष्य ने घोड़ा के बताये अनुसार काम किया | भैस को लाठी मार मारकर अधमरा कर दिया |करने के बाद उसे अपने घर रस्सी से बांधकर ले आया | अब घोड़ा ने मनुष्य से जंगल जाने की इजाज़त मांगी | इसपर मनुष्य ने घोड़े से कहा आपकी सवारी शानदार हैं अब आप जंगल क्यों जाओगे |इस तरह भैंस और घोड़ा की आपसी लड़ाई के कारण दोनों मनुष्य के गुलाम हो गये इसी कारण कहा गया हैं कि हम जैसा पेड़ लगाएंगे वैसे ही फल की प्राप्ति होगी .”जो जस करइ सो तस फल चाखा”....

