रुक जा पंछी मत इतरा...एक गज़ल
कन्हैया लाल पड़ियारी ग्राम तमनार जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ से एक गजल सुना रहे है:
रुक जा पंछी मत इतरा नहीं चलेगा उनसे बस तेरा-
बदमस्त मौला बन मत मंडरा पग पग भंकारों का पहरा – ये दुनिया रहती खफ़ा-खफ़ा यहाँ नहीं चलेगा तेरा कफा....
