तै ठाढ़े रहबे गा, तै ओघरे रहबे गा...छत्तीसगढ़ी गीत
कन्हैंया लाल पडिहारी, तमनार ,रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं-
तै ठाढ़े रहबे गा, तै ओघरे रहबे गा-
मैं नून मिरचा लेके आवो तै ठाढ़े रहबे गा-
मैं ठाढ़े रहूं हो मैं उपरे रहूं हो-
तै जा नून मिरचा लेके आबो-
आमा खाएबड़ जाबो-
तै ओगरे रहेबे गा, मैं ओगरे रहूं हो-
मंजनिया के डेरा मा आम खाये जाबो-
ओही बेला में जाबो-
मैं कर लहु अपन बंद दुकान-
दाई दादा मन सुते रही ओही बेला मा जाबो-
आपन जिंदगी ला बनाबो...
