धरती में खेती बाड़ी हमर मेहनत के कमाई...हाथी के हमलों पर गीत
कैलाश सिंह पोया ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से एक गीत सुना रहे हैं जो हाथी के द्वारा किये गए नुक्सान पर आधारित है :
धरती में खेती बाड़ी हमर मेहनत के कमाई-
रात दिना साथी हाथी घीच खाई-
मुआवजा कहिके सरकार हमर जीव ललचाई-
वो मुआवजा हमर खेती के दाम तक नहीं मिले भाई-
धरती में खेती बाड़ी हमर मेहनत के कमाई...
