ओढ़ना लत्ता पहिन के चलेन बरात का काकू...बघेली हास्य कविता
ऋषभ मिश्रा ग्राम-ओझापुरवा, ब्लाक-जवा, तहसील-त्योथर, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से बघेलखंडी में एक हास्य कविता सुना रहे है:
ओढ़ना लत्ता पहिन के चलेन बरात का काकू-
अधबीचेन म टेक्टर फसगा बट गुठुआ भर काकू-
दुआर चार तक ठीके रहा भीड़ भड़क्का-
नहीं मेहररुन और बिटियन खाना त ठीकै रहा-
भये झिंगुरन के मशाला-
ओढ़ना लत्ता पहिन के चलेन बरात का काकू...
