कान्हा मटकी न फोरो गगरियन में...बघेली लोकगीत
अशोक कुमार कोरी ग्राम- हरदौहां, पंचायत-तेंदुनी, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से एक भजन सुना रहे हैं:
कान्हा मटकी न फोरो गगरियन में-
जो कान्हा तुम्हे भूख लगी है-
जेवना रचा है रसइयन में-
जो कान्हा तुम्हे प्यास लगी है-
जलवा रखा है जलरियन में-
जो कान्हा तुम्हे अमल लगी है-
बिरिया रखी है बेलरियन में-
जो कान्हा तुम्हे नींद लगी है – सेजिया लगी है महलियन में-
कान्हा मटकी न फोरो...
