गरीब का कहाँ पुछारी...कहानी-

गर्मी का दिन था| एक गरीब किसान रामू बिना जूते पहने और बिना पानी साथ रखे जरुरी काम के लिये घर से निकल पड़ा| रास्ता बड़ा दूर था| पेड़ का छाव तक नही था| समय के साथ धूप तेज हुई और धरती गर्म हो गई| रामू दौड़ाने लगा और थक गया| रास्ते में एक बबूल का पेड़ मिला| जिसके नीचे वह आराम किया और फिर से चलने लगा|शाम तक रामू पहुंच गया| वहां पहुचने पर उसके मामा बहुत खुश हुए| लेकिन मामी खुश नही हुई| उसके बाद उसकी मामी ने महमानों के लिये बिना मन का खाना बनाया| जो रामू को अच्छा नहीं लगा और वह दूसरे दिन चला गया| ये सब रामू के मामा को अच्छा नहीं लगा| उसने अपनी पत्नी को कहा तुमने ठीक नहीं किया| घर पहुंचकर रामू ने अपनी माँ को उस व्योहार के बारे में बताया| माँ बोली इसीलिए मै जाने से मना कर रही थी| इससे सीख मिलती है हमारे व्योहार से ही हमारी पहचान होती है| इसलिये सोच समझ कर काम करना चाहिए|

Posted on: Jul 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

समय सब कुछ सिखा देता है...कहानी-

एक गांव था| गांव के मुखिया का नाम बंतराम था| उसके छोटे भाई का नाम सगिर्तन था| दोनों में गहरा प्रेम था| दोनों का परिवार एक साथ एक घर में रहते थे| दोनों भाई के दो लडके और एक लड़की थी| सब कुछ अच्छा चल रहा था| सभी का विवाह हो गया| लेकिन बच्चो का आपस में मेल नहीं था| जिसके कारण घर का बटवारा हो गया| सभी अलग-अलग रहने लगे| जिससे उनका समय एक ही काम को करने बर्बाद होने लगा| खर्च बढ़ गये| मुखिया और उसका भाई दोनों बूढ़े हो चुके थे| फिर भी काम करने जाते थे| और जवान बेटे कोई काम नहीं करते थे| समय बीता और एक दिन दोनों भाई का देहांत हो गया| अब बच्चो पर जिम्मेदारी आई | तब उनको पता चला घर चलाने के लिये कितना मेहनत करना पड़ता है|

Posted on: Jul 18, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

जीवन सुधर गया...काहानी-

मुंबई से दूर गाँव में एक किसान रहता था| जिसका नाम किसनलाल था| उसका एक लड़का था| नाम बिसनलाल था| वह सुंदर और होशियार था| हाल ही में उसने बारहवीं कक्षा पास किया था| एक दिन उसने अपने दोस्तों के साथ मुंबई देखने जाने का प्लान बनाया| सभी ने अपने माता-पिता जाने के लिये पूछा| घर वालों ने मना किया| तब सभी बिना बताये अपने-अपने घरों से पैसे चुरा कर, टिकट कटाकर मुंबई पहुंच गये| स्टेशन में लोगों की भीड़ में बिसनलाल अपने साथियों से बिछड़ गया| वह अपने साथियों को ढूंढा लेकिन वे नहीं मिले| वहां उसे एक साथी मिला| उसने बिसनलाल को काम दिला में दिया| उसे रहने के लिए जगह भी मिल गया| इधर उसके साथी गाँव वापस आ गये| बिसन के माता-पिता उसके बारे में पूछने लगे| बच्चो ने बताया साथ में गये थे लेकिन वह स्टेशन में हमसे बिछड़ गया| ये सुनकर उनके माता-पिता बहुत रोये और कुछ वर्ष बाद उनका देहांत हो गया| एक दिन बिसन को अपने घर की याद आई और वह छुट्टी लेकर गाँव वापस आया| माता-पिता को न देख वह बहुत दुखी हुआ| वह अपने दोस्तों से मिला, सबका हाल पूछा| फिर अपना सब कुछ बेच कर, वापस चला गया| माता-पिता रहे, लेकिन जीवन सुधर गया|

Posted on: Jun 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

जरहा लूठी कसन जरत हवे, काड़ा असन चरत हवे...गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जरहा लूठी कसन जरत हवे, काड़ा असन चरत हवे-
मने मन मा घूरत हवे, भात पेज कसन चुरत हवे-
लुटागे खेत खलिहान, जिंदगी के जाऊन खास सामान-
जाकर ले मिलत रहिस धान, का ला खाके बचाबो प्रान-
धोखा हा हमन खा डारेन, दुनिया हा हमन लुटा डारेन...

Posted on: Jun 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कविता सुना रहे हैं :
हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास-
की हरी को देख हरी भाग गया, कि हरी मन हुआ उदास-
हरी देख हरी पास गया, हरी मन हो गया उल्लास-
हरी देख हरी ने सूत गया, हरी मन हो गया उदास-
हरी ने हरी को ले उड़ा, हरी गया समंदर पार-
हरी ने हरी से जा भिड़ा, हरी ने हरी का किया उद्दार-
हरी देख हरी गया हरी के पास, हरी को हरी न मिला...

Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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