5.6.31 Welcome to CGNet Swara

बिलक-बिलक कर माँ बुढ रोती रही....कविता-

ग्राम-तामनर, जिला-रायगढ़ (छतीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बिलक-बिलक कर माँ बुढ रोती रही-
पहले पति गया, फिर गया जवान बेटा-
जो जीने की सहारा था, खुदा को हो गया प्यारा-
जग में रह गई अकेली, रिश्ते नाते कर दिए सभी पराई-
ये कैसी मुसीबते आई भाई, झुकी कमर हाथ में लाठी-
कंध में भीख का थैला, द्वारा-द्वारा जा जय सीता राम...

Posted on: Oct 17, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

हमें बुरी संगती से दूर रहना चाहिए, अपने बड़े बुजुर्गो की सेवा करनी चाहिए...कहानी-

एक घर में एक बूढी माँ अकेली लेटी थी, रात के 11 बज चुके थे, लेकिन माँ को नींद को नींद नही आ रही थी, क्यों कि उसका बेटा घर नही आया था, वह मन ही मन सोच रही थी, बेटा कहां गया होगा, देर रात बेटा अपने दोस्ते के साथ खा पीकर घर आया, माँ उठी और कहा बेटा खाना लगा दूँ क्या, बेटा माँ को धुतकारते हुए बोला मै तेरा रुखा सूखा खाना खाऊंगा, बच्चे को बिगड़ता देख माँ को चिंता हुई, और चिंता करते हुए एक दिन उसने अपने प्राण त्याग दिए, उसके बाद बेटा बिगड़ता गया, कभी नही सुधरा, तात्पर्य यह है कि हमें बुरी संगती में नही पड़ना चाहिए और अपने बड़े बुजुर्गो की सेवा करनी चाहिए, दुखी नही करना चाहिए, जो अपने बच्चे की चिंता में प्राण त्याग देते हैं

Posted on: Oct 16, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

किसी व्यक्ति के मरने के बाद उसकी बुराई नही करनी चाहिए...कहानी-

एक राजा के दरबार में बड़े-बड़े विद्वान रहते थे, एक दिन राजा ने सभी से पूछा मरने के बाद कौन स्वर्ग जाता है और कौन नर्क जाता है पर किसी ने जवाब नही दिया, इस बात को राज दरबार में काम करने वाली एक वृद्ध महीला ने भी सुना, उसने कहा इसका उत्तर तो मेरी 8 साल की पोती दे सकती है, राजा ने बच्चे को बुलवाया और अपना सवाल पूछा, बच्चे ने जवाब दिया, जो व्यक्ति समसान में बैठकर मृत व्यक्ति पर बात करते हैं, ये व्यक्ति भला व्यक्ति था, किसी का नुकसान, बुरा नही करता था, वे स्वर्ग जाते हैं और जो किसी मृत व्यक्ति के बारे में बुराई करता है वो नर्क में जाता है, तात्पर्य यह है कि किसी व्यक्ति के मरने के बाद उसकी बुराई नही करनी चाहिए : कन्हैयालाल पड़ियारी@9981622548.

Posted on: Oct 12, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY TAMANAR

हे वृक्ष तुम्ही हो महान, तुम्ही से टिका है ये जहान...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हे वृक्ष तुम्ही हो महान, तुम्ही से टिका है ये जहान-
उपकारी जन हितकारी, तुम्ही हो जग का भगवान-
तुम धरती माँ कि गहना हो, तुम्ही से करती श्रृंगार-
तुम्ही सबको फल देते हो, नही तो जग हो जाता बिरान-
तुम्ही देती धूप-छाँव, तुम्ही से बसा है शहर-गाँव-
हे धरती पुत्र तुम्हे सत-सत नमन...

Posted on: Oct 11, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

दाई तैहर बता ना ओ, मोला एक ठन गोठ...व्यंग रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग रचना सुना रहे हैं :
दाई तैहर बता ना ओ, मोला एक ठन गोठ-
बेर्रा सरकार हर किसान मन ला, काबर मारथे चोट-
धुर्रा-धुर्रा मा खेत खार ला बेचावाउथे-
अऊ नई बेचथे तो भू अधिग्रहण लगावथे-
दाई कहिस का करबे बेटा, किरहा भड़वा के राज हे-
जैसन पाही वैसन करही, करम फूटे हे आज के...

Posted on: Oct 11, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SATIRE

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »