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विरल-विरल तुरी उमर चितोरी...गोंडी बाल गीत

ग्राम-पंचायत-बड़ेबेटिया, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से स्कूल की कक्षा 3 की छात्रा कुमारी लिलिमा उसेंडी एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
विरल-विरल तुरी उमर चितोरी-
तनी उम्र मार-मार चल चितोरी-
बेंड बाजा मोके पडला मू-
ओ बेंड बाजा-
विरल-विरल तुरी उमर चितोरी-
बेंड बाजा मोके पडला मू-
तनी उम्र मार -मार चल चितोरी...

Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG CHILDREN GANESH AYAM GONDI KANKER KOELIBEDA SONG

तिना नामोर नानो रे नानो रे ये ये ये...गोंडी गीत...

ग्राम पंचायत-ताडवाली, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गणेश आयाम के साथ गाँव के ग्रामीण गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
तिना नामोर नानो रे नानो रे ये ये ये-
गायतन लोनु वेहट रा लयोरी-
पुनवाय माने बुम तोर रा लयोरी-
ढोलता नुकंग बाते रा लयोरी-
बस्तर बुम ता आन्दोम रा लयोरी –
पुनवान्क पुछे मायतोरोम लयोरी-
वेहोम आयो वेह्तोम रा लयोरी...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG GANESH AYAM GONDI KANKER KOELIBEDA SONG

पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे...कविता

ग्राम पंचायत-ताड़वेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनीश कुमार और नवीन कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
इन गड्ढे में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे-
घर आँगन को साफ रखेंगे गलियाँ साफ़ बनायेंगे-
कैसे जीना हमें चाहिए जीकर हम दिखलायेंगे...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOELIBEDA POEM

खट्टी इमली मीठी ईख, चलती बकरी वन के बीच...बाल कविता

ग्राम-ताड़वायली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से स्थानीय स्कूल के बच्चे प्रेम कुमार, नवीन कुमार, सुजीत कुमार और दिनेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
खट्टी इमली मीठी ईख, चलती बकरी वन के बीच-
चलो पपीता खाएं हम, तबला खूब बजाएं हम-
कोई नही पराया, मेरा घर सारा संसार है-
मै न बंधा हूँ देश काल की जंग लगी जंजीर में-
मै न खड़ा हूँ जात-पात की ऊँची-नीची भीड़ में-
मेरा द्रम न कुछ सही शब्दों का सिर्फ गुलाम है-
मै बस कहता हूँ कि घट-घट में राम है...

Posted on: Aug 30, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOYALIBEDA POEM

यायो पोसल परा के बाबा पोसल पार के, सोने गए पिंजरानू रा...कुडुक गीत-

ग्राम-रामपुर, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से नीलिमा टोप्पो कुडुक भाषा में एक गीत सुना रही हैं जो नया अनाज खाते समय गाते हैं ये गांव में एक रिवाज है जो किसान खेती के बाद साल में एक बार करते हैं :
यायो पोसल परा के बाबा पोसल पार के, सोने गए पिंजरानू रा-
हाए रे रूप गए पिंजरानू रा-
हको गा पड़ा के पिंजरत नोर के, सेवा लानो नो के-
जनम जोगा के रोय का ना ला रे-
हको गा पड़ा के जनम जोगा के रोय का ना ला...

Posted on: Jul 12, 2018. Tags: GANESH AYAM

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