5.6.31 Welcome to CGNet Swara

सही दाम में हमारी बकरियां न बिक पाने का मुख्य कारण है सही रोड और नदी नालो में पुल न होना...

ग्राम-खमरिया, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (म.प्र.) से अर्जुन सिंह एक आम दलित आदिवासी की कहानी सुना रहे है. वे बता रहे हैं कि एक आम गरीब रोज अपनी बकरी चराने के लिए जंगल जाता है और उसी से उसके परिवार का भरण पोषण करता है और जब वो अपनी बकरियों को बेचता है तो उसको सही दाम नहीं मिल पाता है | इस कहानी के माध्यम से वे बता रहे है कि जो जो दलित आदिवासियों का इलाका होता है वहां के अधिकतर गाँव ऐसे ही पिछडे हुए हैं और वहां सही दाम में बकरियां न बिक पाने का मुख्य कारण होता है वहां पर सही रोड न होना और नदी नालो में पुल न होना इन सब दिक्कतों के कारण किसान सही दाम में अपना सामान नहीं बेच पाते है. वे पूछ रहे हैं कि क्या हम इस स्थिति को बदल सकते हैं? अर्जुन सिंह@9109093095

Posted on: Feb 14, 2018. Tags: ARJUN SINGH

चटिके बैइठले पड़ोसी, सीजीनेट के बात ला बताइ दे...सरगुजिहा गीत

ग्राम-केशमा,जिला-सरगुजा छत्तीसगढ़ से अर्जुन सिंह सीजीनेट के सन्दर्भ में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं :
चटिके बैइठले पड़ोसी-
सीजीनेट के बात ला बताइ दे-
चटिके बैइठले...
एक दिन है आना-जाना, एक दिन मर जाना-
छोड़ अपन दाई-भाई, अकेले तन जाना-
चटिके बैइठले...
बने अपन दाई-भाई, दुःख मा न कोई-
आपन कर्म जाना, वो ही सब होई-
चटिके बैइठले...
जगह-जगह सीजीनेट के, दुनिया मा जारी-
धीरे-धीरे सीजीनेट के, होवत हैं पुछारी-
चटिके बैइठले...
सुख-दुःख मा ध्यान धरी, सीजीनेट पुकारी-
जिन्दगी मा संग देई, सीजीनेट हमारी-
चटिके बैइठले...

Posted on: Feb 15, 2015. Tags: Arjun Singh

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »