फूल सहीं जब मैं बन जाता...कविता-

ग्राम-रक्सा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कुनाल जोगी और दिव्या जोगी एक कविता सुना रहे हैं :
फूल कहीं मैं जब बन जाता-
खुशबु अपनी खूब लुटाता-
तितली को मैं पास बुलाता-
भौंरों संग कोई मुस्कान छोड़ता-
फ़िर कोई न मुझे तोड़ता-
कई नाम मेरे हो जाते-
खुशबु, सुमन, कुसुम कहलाते...

Posted on: Jan 17, 2020. Tags: ANUPPUR MP POEM PRADIP JOGI

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